How we loose opportunities
नमस्कार दोस्तो,
तो कैसे हो आप लोग। आशा करता सभी स्वस्थ होगें ओर जिंदगी के मज़े ले रहे होगे।
आज के ब्लॉग में मै आपको एक कहानी सुना सुनाने वाला हूं, तो शुरू करते है।
एक बार की बात है, एक village में एक साधु रहता था। साधु पूरे दिन भगवान की भक्ति में लीन रहता था। कई कई दिनों तक तपस्या करता रहता था।
एक बार उस village में बाढ़ आ गई ओर वहा पानी बड़ने लगा। सभी लोग village छोड़ कर भागने लगे। लेकिन वो साधु उसी जगह बैठा रहा ओर तपस्या करता रहा l कई लोग उस साधु के पास आए और सारी बात बताई कि था बाढ़ आ गई है आप अगर ये जगह छोड़कर नहीं गए तो आपकी मौत भी हो सकती है। लेकिन उस साधु ने बोला कि मुझे अपने भगवान पर भरोसा है, वो मुझे बचाने जरूर आयेगे आप लोग जाइए। ये बात सुनकर सभी चले गए।
Village में पानी बढ़ता जा रहा था,पानी साधु के कमर तक आ गई फिर भी वो व्ही तपस्या करता रहा। अब पानी इतना बढ़ गया कि व्हा नाव चलने लगी। नाव में लोगो को भर भर दूसरी जगह ले आने लगे। एक नाव में एक आदमी के लिए जगह थी, उनलोगो ने साधु को देखकर बोले की बाबा जी बाढ़ बहुत भयंकर है, आप चलिए था से नहीं तो आपकी मौत भी हो सकती हैं। उस साधु ने फिर से व्ही बोला कि मुझे अपने भगवान पर भरोसा है, वो मुझे बचाने जरूर आयेगे आप लोग जाइए। ये बात सुनकर सभी चले गए।
अब पानी इतना भर गया village में किं helicopters बुलाने परे लोगो को बचाने के लिए। साधु भी जन बचाने के लिए ट्री 🌲 पर चढ गया। एक आखरी helicopter ne साधु को देखा तो उन्होंने पेड़ की तरफ रसी फेखकर बोला इसको पकड़ कर ऊपर आ जाइए अब यहां कोई नहीं बचा है। आप भी चलो इसी में आपकी भलाई है। उस साधु ने फिर से वही बोला कि मुझे अपने भगवान पर भरोसा है, वो मुझे बचाने जरूर आयेगे आप लोग जाइए। ये बात सुनकर सभी चले गए।
अब पानी इतना भर गया कि पानी की वजह से पेड़ भी डूब गया ओर साधु की मौत हो गई।
जब साधु स्वर्ग पहुंचा तो उसने भगवान से पूछा कि हे भगवान् मैंने पूरा जीवन भर आपकी तपस्या की, आपकी भक्तिं की लेकिन जब मुझे आपकी जरूरत थी आपको मेरी जान बचाने थीं आप नहीं आए,मेरी पानी में डूब के मौत हो गई, फिर भी आप मुझे बचाने नहीं आए। ऐसा क्यों? तो भगवान ने उस साधु से कहा मूर्ख इंसान हम तुम्हें बचाने के लिए एक नहीं तीन बार आया इंसान के रूप में , पहली बार पैदल, दूसरी नाव में ओर तीसरी बार helicopter में,लेकिन तुम मेरा एक भी ईसरा एक भी अवसर (opportunity) पहचान नहीं पाया, तुम पता नहीं जिसके इंतजार में थे।
दोस्तों ऐसी परकर हमारे लाइफ में भी हमें कई opportunity मिलती रहती है, आपने लाइफ को ओर better बनाने की but हम एक पर्फेक्ट opportunity की तलाश में पता नहीं कितने की opportunity को नहीं पहचान पाते ओर छोर देते है। हम ये इंतजार करते रहते है, ये होगा तबी वी करुगा ओर इसे एक बात पर अरे रहे से बहुत सारे मौके हाथ से छूट जाते है, ओर फिर बाद में हमे पछतावा होता है।






0 टिप्पणियाँ