आप जो सोचते हैं वो बनते है!
यानि अगर हम अपनी सोच को बदल दें, तो सब कुछ बदल जायेगा।
दुनिया में कुछ ही लोग सम्मान, ख़ुशी, दौलत, समृद्धि, और सफलता क्यों हासिल कर पाते हैं; जबकि अधिकतर लोग एक औसत जीवन ही जी पाते हैं?इसकी वजह क्या है? ऐसा क्यों होता है?
............... ...........
क्या आप ने कभी इस बारे में सोचा है कि अधिकतर लोगों के पास सफलता, उपलब्धि, दौलत, ख़ुशी यह सब चीजे क्यों नहीं हैं?
क्योंकि दुनिया में अधिकतर लोग दूसरे की सफलता के बारे में अधिक सोचते हैं, और अपने बारे में कम। जिसकी वजह से वे स्वयं असफल रह जाते हैं। दूसरों के सफलता के बारे में जानना व समझना अच्छी बात है पर अपनी सफलता के बारे में ना सोचना बुरी बात है।शायद आप सोच रहे हैं कि अगर सोचने से ही इंसान सफल हो सकता है तो इतने कम लोग सफल क्यों होते हैं ?
क्योंकि अधिकतर लोग सोचते ही नहीं हैँ।
हेनरी फोर्ड कहते हैँ-
सबसे मुश्किल काम है सोचना, शायद यही कारण है कि इसमें इतने कम लोग लगे होते हैं।
अभी तक मैंने जितने भी MOTIVATIONAL VADIOS देखें हैं,मैंने उनको ये बोलते जरूर सुना है, की जैसा आप सोचते हो आप वैसा बन जाते हो।
आप ये question कर सकते हो की सोचने से क्या होगा?
और आपका यह मानना भी काफी हद तक सही है, की केवल सोचने से हम वो कैसे बन सकते है जो हम बनना चाहते हैं? मेरा ऐसा मानना है कि जैसा हम सोचते हैं हमारा mindset, self believe or confidence वैसा ही हो जाता हैं।
अब लोग ये भी बोलेंगे की केवल सोचने से कुछ नहीं होता actions bhi लेने होते हैं। But अगर आपने दुनिया को absorb किया है, तो आपने देखा होगा कि हर आदमी के कुछ dreams होते हैं और अपने सपने को पूरा करने के लिए सभी actions लेते हैं but पूरी दुनिया में जितने लोगों के सपने पूरे होते हैं और कितने लोग successful है ये बताने की जरूरत नहीं है,ये मुझे आपको बताने की जरूरत नहीं है ये आपको अच्छे से पता होगा।
क्या लगता है आपको की अगर वो action ले रहे है तो फिर भी सफल क्यों नहीं हो रहे है?
मैं खुद अगर आपने आस पास देखू तो हर आदमी एक्शन ले रहे है, मेहनत कर रहा है अपने सपने को साकार करने के लिए, but क्यों ज्यादातर लोग फिर भी सफल नहीं हो रहे ?
क्या वो अपने सपने को लेकर serious नही है? अगर आप ये सवाल आप अपने आस पास के लोगों से करो तो तो पता चलेगा कि वो कितने serious हैं अपने सपने को लेकर।
फिर गलती कहा कर रहे हैं लोग, अंतर सुरु होता है उनके सोचने के तरीके से!
ज्यादातर लोग action ले रहे but अगर वो अपने जीवन में सफल नहीं हैं तो उसके बहुत सारे कारण है but जो एक basic reason हैं वो ये है की वो अपने मस्तिष्क में ही इस बात को clear नही कर पाए है की उन्हे सच में क्या करना हैं और उन्हें जो बनना हैं वो बनने के प्रक्रिया में रास्ते में क्या क्या रुकते अा सकती है और उनका सामना कैसे करना है। इन सब बातो को लेकर वो prepared नहीं रहते है। अर्थात उनकी कार्यप्रणाली और सोच या चिंतन में फर्क होता है।
अब आप कुछ और सोचे इस से पहले में ये बता दू की मैंने ये नहीं बता देना चाहता हूं कि मैंने ये नहीं कहा कि actions नहीं लेना है, वो तो लेने ही है और इतने लेने है की ओर कोई उस काम को करने के बारे में सोचें भी नहीं ओर दंग रह जाए देखकर ओर inspiration ले आपसे।
लेकिन action लेने से पहले उनके बारे में सोचने जरूर है क्युकी हम जैसा बनना चाहते है, तो अगर हम वैसा सोचने लगते है, तो हमारा mindset वैसा creat होता हैं, हमे बार बार व्ही याद आता है, ओर कई बार आप अपने mind में ही ये imagine करते हो की आप को बन गए हो, आप ये सोचते हो ये आपको ये मिल गया है, जो आप पाना चाहते हो।
जब आप ये सोचते हो की आपको वो मिल गया है जो आप पाना चाहते हो, तो ये सोचकर आपको अच्छा feel होता है, और आपका चाहत, आपका भूख, आपका desire उसको पाने के लिए बहुत ज्यादा बाद जाएगा, उसको हकीकत बनने के लिए। अब आपके actions ओर ज्यादा दमदार होगे क्युकी अब आपने ये सोच लिया है, की अब आपको ये पना है, चाहे कुछ भी है जाये, तो अब अगर कोई भी failure or रुकावटें आया तो आप उसका सामना कर पाओगे, ओर वो आपका रास्ता नहीं रोक पाएगी ओर आपको प्रेरित करेगी ओर ज्यादा actions लेने के लिए ओर आपके actions लेने की speed को बढ़ाएगी, क्युकी आप पहले से ही ये सोच कर आए हो की आपको ये पाना है, किसी भी हल मे बस मुझे ये चहिये किसी भी हाल में।
अब आप इसलिए actions nhi ले रहे होगे की आपको किसी को साबित करना है, बल्कि ये आपको खुद के लिए चाहिए, इसलिए कि आप ये जानना चाहते हो की आप केवल सोच ही सकते हो या आप सच में ये कर भी सकते हो, आप अपने आप को challenge कर रहे हो,ओर क्युकी ये आप खुद के लिए के रहे हो तो आपके actions भी अलग होगे।
आप जो बनना चाहते हो उसके बारे में जितना सोचते जाओगे आप अपने mind में उस बात को लेकर उतने ही clear रहोगे, a आप धीरे धीरे अपने आप वैसे बनते जायेगे। क्युकी जब आप जो बनना चाहते हो उसके बारे में हद से जायदा सोचने लगते हो, तब आप उसके बारे में जानने लगते हो,हर जगह से आप जायदा से जायदा knowledge उसके बारे में लेने लगते हो, आप ज्ञान बटोरने लगते हो, जिससे आपके अंदर बदलाव आता है ओर आप वो बनने लगते हो, आपको हर जगह व्ही दिखता है, जैसे अगर आपको comedian बनना है,तो हर जगह आप कॉमेडी है दुंडोगे। आपको जो भी बनना है, डॉक्टर, इंजिनियर ,लोइअर
CA, एंटरप्रेन्योर , जब आप उसके बारे में दबा कर सोचना सुरु कर देते हो,तो आपको चारो तरफ वही नजर आता है, आप हर जगह को उस नजरिए से obsorbs करने लग जाते हो।
“What we think we become”
A famous Henry Ford quote, “Whether you think you can, or you think you can’t – you’re right,” emphasizes how much attitude determines success or failure.




1 टिप्पणियाँ
Fantastic super osm
जवाब देंहटाएं